यदि एक स्त्री मे मातृत्व के भाव वाला स्नेह है तो वह किसी भी बच्चे की मां बन सकती है, बस उसे खुद पर भरोसा करना होगा।'मां' एक शब्द नही, ना तो कोई साहित्य या किसी के द्वारा रची गई रचना है, 'मां' और 'मातृत्व' दो अलग-अलग भाव हैं, 'मा' बनना सबके बस मे नही। 'मातृत्व' का भाव सभी में होता है, बड़ी बहन अपने छोटे भाई -बहन के प्रति 'मातृत्व' की भावना रखती है, इसी तरह हर स्त्री अपने से 'छोटे' के लिए 'मातृत्व' वाला स्नेह रखती है।
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