माँ मुझे उड़ने दो
यह रिश्ता है अनोखा,
माँ जानती है अपने बच्चों को,
उसके अरमानों को,
अपनी सुविधाओं को,
फिर भी डरती है,
आसमान की उंचाई से धरती की नरमाई से
माँ मुझे उड़ने दो,
मैं आसमान की उंचाई,
धरती की नरमाई महसूस कर सकूँ,
माँ मुझे उड़ने दो,
अपने नन्हे पंख फैला कर तुम्हे,
बारिश और धुप से बचाऊं ,
माँ मुझे उड़ने दो,
अपने देश और परदेश की दूरी नाप सकूँ ,
माँ मुझे उड़ने दो

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