बुधवार, 25 जुलाई 2012

Chhoti Chhoti Baatein

सब कहते हैं कि उम्र के साथ जानकारी भी बढती है,
पर क्या यह सच नहीं है,कि बड़े होने के बाद बहुत सी बातें जो हमें किताबों और अपने बड़ों या अपने गुरु से नहीं पता चली,
वो छोटी या बड़ी बातें आज हमें अपने ही बच्चों से या अपने से छोटों से सीखने का मौका मिल रहा है,
इसी सन्दर्भ में अपना 'एक और' अनुभव लिख रही हूँ,
कुछ दिनों पहले कि बात है,मेरे बड़े बेटे ने जब विदेश से कुछ तस्वीरें भेजी.
उनमे कुछ तस्वीरें वहाँ के भगवान् कि भी थी,जिनके पंख भी बने हुए थे,मै बेटे से पूछी,"क्या विदेशी भगवान् पंख वाले होते है"?
तो उसने कहा, "हाँ, ठीक उसी तरह,जिस तरह अपने' देश' के "भगवान्" दस हाथ ,चार हाथ,चार सर,या सूंडवाले और पूंछ वाले होते हैं,
बात छोटी ही है, पर समझने वाली है,यही समझ मुझे मेरे बेटे ने दिया,यह मेरे लिए 'बड़ी बात' है .

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